उ मरी अरे कृतिका रचनाकार सुवास घिसिङ हुने भने उ मरेकी छैन कृतिका लेखक को हुन् ?
शंकर कोइराला
वि.पि. कोइराला
बालकृष्ण सम
दौलतविक्रम विष्ट
Option C
बालकृष्ण सम (वास्तविक नाम: बालकृष्ण शमशेर जङ्बहादुर राणा; १९५९ साल माघ २४ – २०३८ साल साउन ६) नेपाली साहित्यका नाटककार र चित्रकार थिए । वि.सं. २००७ सालको क्रान्तिपछि सबै नेपालीसँग बराबर भएको देखाउन उनले 'शमशेर जङ्बहादुर राणा' हटाई 'सम' थपेका थिए।
डेढ दर्जनभन्दा बढी नाटक प्रकाशन गरेका समका प्रमुख नाटकहरूमा मुटुको व्यथा (१९८६), मुकुन्द-इन्दिरा (१९९४), प्रह्लाद (१९९५), अन्धवेग (१९९६), भक्त भानुभक्त (२०००), प्रेमपिण्ड (२००२), अमरसिंह (२०१०), स्वास्नीमान्छे (२०३३) आदि पर्दछन्। यी नाटकमध्ये मुटुको व्यथा, मुकुन्द-इन्दिरा, म आदि सामाजिक हुन् भने अमरसिंह, भक्त भानुभक्त, भीमसेनको अन्त्य आदि ऐतिहासिक हुन्। त्यस्तै, ध्रुब, प्रह्लाद आदि पौराणिक नाटक हुन् भने स्वास्नीमान्छेचाहिँ स्वैरकल्पनात्मक प्रयोगवादी नाटक हो। अन्त्यका हिसाबले हेर्दा ध्रुब, प्रह्लाद, मुकुन्द-इन्दिरा आदि संयोगान्त तथा मुटुको व्यथा, अन्धवेग, प्रेमपिण्ड आदि दुःखान्त भएका छन्। उनका बोक्सी, नालापानीमा, बिरामी र कुरुवा, रणदुल्लभ जस्ता उत्कृष्ट र सबल एकाङ्कीहरू पनि प्रकाशित छन्। सङ्ख्यात्मक र गुणात्मक दुवै हिसाबले सम नेपाली नाटकका सर्वोच्च प्रतिभा वा नाट्यसम्राट् हुन्। कवितात्मक वा गद्यात्मक, संयोगान्त वा दुःखान्त, एकाङ्की वा पूर्णार्ङ्की, जुनैमा पनि सम सबल देखिन्छन्।
लघुनाटक (एकाङ्की) देखि प्रेमपिण्ड जस्तो महानाटक दिएर नेपाली साहित्यलाई समृद्ध पार्ने सम बहुमुखी र नेपालीले गर्व गर्न लायक प्रतिभाशाली साहित्यकार हुन्। आधुनिक नेपाली नाटकका प्रारम्भकर्ताका रूपमा पनि उनको उत्तिकै ख्याति छ। नेपालका विश्वकोष मानिने समको साहित्यिक योगदानलाई कदर गरेर उनलाई रोयल नेपाल एकेडेमीका (हाल नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान) सदस्य र पछि उपकुलपतिसमेत बनाइयो।
क्र०सं० | पुस्तकको नाम | विधा | प्रकाशित गरेको साल (वि०सं०) |
१ | आगो र पानी | खण्डकाब्य | २०११ |
२ | चिसोचूल्हो | महाकाव्य | २०१५ |
३ | बालकृष्ण समका कविता | कविता संग्रह | २०३८ |
४ | मुटुको व्यथा | नाटक | १९८६ |
५ | प्रह्लाद | नाटक | १९९५ |
६ | ध्रुब | नाटक | १९८६ |
७ | अन्धवेग | नाटक | १९९६ |
८ | मुकुन्द-इन्दिरा | नाटक | १९९४ |
९ | भक्तभानुभक्त | नाटक | २००० |
१० | म | नाटक | २००२ |
११ | प्रेमपिण्ड | नाटक | २००९ |
१२ | अमरसिंह | नाटक | २०१० |
१३ | भीमसेनको अन्त्य | नाटक | २०१२ |
१४ | तलमाथि | नाटक | २०२३ |
१५ | तानसेनको झरी | नाटक | २०२६ |
१६ | अमितवासना | नाटक | २०२७ |
१७ | स्वास्नीमान्छे | नाटक | २०३३ |
१८ | मोतीराम | नाटक | २०३३ |
१९ | उ मरेकी छैन | नाटक | २०३५ |
२० | बोक्सी | एकाङ्की | १९९९ |
२१ | भतेर | एकाङ्की | २०१० |
२२ | तपोभूमी | एकाङ्की | २०१४ |
२३ | चार एकाङ्की | एकाङ्की | २०२० |
२४ | माटोको ममता | एकाङ्की | २०२६ |
२५ | बिरामी र कुरुवा | एकाङ्की | २०२७ |
२६ | नियमित आकस्मिता | प्रबन्ध | २००५ |
२७ | मेरो कविताको आराधन उपासना १ | प्रबन्ध | २०२३ |
२८ | मेरो कविताको आराधन उपासना २ | प्रबन्ध | २०२९ |
२९ | समका तीन नाटक | नाटक | २०५९ |
३० | समका एकाङ्की | एकाङ्की | २०५९ |
३१ | Heroes of Nepal | जीवनी | 1971 |
उनको नाममा 'बालकृष्ण सम फाउन्डेसन' नामक साहित्यिक संस्था पनि स्थापना भएको छ।
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